Chemistry IUPAC Nomenclature - Class 12 UP Board Chemistry
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Chemistry IUPAC Nomenclature - Class 12 UP Board Chemistry
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PW UP Board 11th & 12th
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आईयूपीएसी नामकरण (IUPAC Nomenclature)
आईयूपीएसी नामकरण कार्बनिक यौगिकों के वैज्ञानिक नामकरण की मानकीकृत विधि है। यह रसायन विज्ञान में अणुओं की संरचना के अनुसार नाम देने के लिए नियमों का एक समूह है। आईयूपीएसी का फुल फॉर्म "इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड अप्लाइड केमिस्ट्री" है। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में सही नामकरण के बिना रिएक्शन और यौगिकों की पहचान असंभव है।
मूल शब्दावली और प्राथमिक नियम
आईयूपीएसी नामकरण में कुछ मुख्य शब्दावली और नियम होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले, कार्बन श्रृंखला की पहचान, फिर मुख्य श्रृंखला का चयन, और उसके बाद प्रतिस्थापकों, डबल/ट्रिपल बॉन्ड, तथा क्रियात्मक…
आईयूपीएसी नामकरण (IUPAC Nomenclature)
आईयूपीएसी नामकरण कार्बनिक यौगिकों के वैज्ञानिक नामकरण की मानकीकृत विधि है। यह रसायन विज्ञान में अणुओं की संरचना के अनुसार नाम देने के लिए नियमों का एक समूह है। आईयूपीएसी का फुल फॉर्म "इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड अप्लाइड केमिस्ट्री" है। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में सही नामकरण के बिना रिएक्शन और यौगिकों की पहचान असंभव है।
मूल शब्दावली और प्राथमिक नियम
आईयूपीएसी नामकरण में कुछ मुख्य शब्दावली और नियम होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले, कार्बन श्रृंखला की पहचान, फिर मुख्य श्रृंखला का चयन, और उसके बाद प्रतिस्थापकों, डबल/ट्रिपल बॉन्ड, तथा क्रियात्मक समूहों की स्थिति निर्धारित की जाती है।
- एल्केन: केवल सिंगल बॉन्ड, सामान्य सूत्र , सफिक्स "-एन"
- एल्कीन: कम से कम एक डबल बॉन्ड, सामान्य सूत्र , सफिक्स "-इन"
- एल्काइन: कम से कम एक ट्रिपल बॉन्ड, सामान्य सूत्र , सफिक्स "-आइन"
- एल्क समूह: मेथ, एथ, प्रोप, ब्यूट, पेंट, हेक्स, हेप्ट, ऑक्ट, नॉन, डेक (C1 से C10 तक)
नामकरण की प्रक्रिया (Stepwise Method)
आईयूपीएसी नामकरण के लिए एक निश्चित क्रम में नियमों का पालन किया जाता है। प्रत्येक चरण में विशेष ध्यान देने योग्य बिंदु होते हैं।
- सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला का चयन करें जिसमें अधिकतम कार्बन परमाणु हों।
- यदि दो श्रृंखलाओं में कार्बन संख्या समान हो, तो वह श्रृंखला चुनें जिसमें अधिक साइड चेन (शाखाएँ) हों।
- मुख्य श्रृंखला में डबल/ट्रिपल बॉन्ड या क्रियात्मक समूह को शामिल करना अनिवार्य है।
- श्रृंखला की नंबरिंग उस छोर से करें जहाँ प्रतिस्थापक, डबल/ट्रिपल बॉन्ड या क्रियात्मक समूह को न्यूनतम संख्या मिले।
- यदि दो या अधिक प्रतिस्थापक समान दूरी पर हों, तो अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A, B, C...) के अनुसार नाम लिखें।
- यदि प्रतिस्थापक और एल्किल समूह दोनों समान दूरी पर हों, तो प्रतिस्थापक को प्राथमिकता दें।
- यदि दो या अधिक प्रतिस्थापक या क्रियात्मक समूह हों, तो उनकी स्थितियों का योग न्यूनतम होना चाहिए।
- शाखित प्रतिस्थापकों के लिए ब्रैकेट का प्रयोग करें और उनकी स्थिति मुख्य श्रृंखला के सापेक्ष लिखें।
- डबल और ट्रिपल बॉन्ड दोनों समान दूरी पर हों तो डबल बॉन्ड को प्राथमिकता दें।
फंक्शनल ग्रुप्स, प्रीफिक्स और सफिक्स
फंक्शनल ग्रुप्स के नाम, उनके प्रीफिक्स और सफिक्स का चयन आईयूपीएसी टेबल के अनुसार किया जाता है। नीचे प्रमुख फंक्शनल ग्रुप्स की सूची दी गई है:
| फंक्शनल ग्रुप | नाम | प्रीफिक्स | सफिक्स |
|---|---|---|---|
| कार्बोक्सिल | कार्बोक्सी | ओइक एसिड | |
| सल्फोनिक | सल्फो | सल्फोनिक एसिड | |
| एसिटर | एल्कॉक्सी कार्बोनिल | ओएट | |
| एसिड हैलाइड | हैलोफॉर्माइल | ओइल हैलाइड | |
| एमाइड | कार्बामोइल | एमाइड | |
| नाइट्राइल | साइनो | नाइट्राइल | |
| एल्डिहाइड | फॉर्माइल/ऑक्सो/एल्डो | अल | |
| कीटोन | कीटो/ऑक्सो | ऑन | |
| हाइड्रोक्सिल | हाइड्रोक्सी | ऑल | |
| अमीनो | अमीनो | एमाइन | |
| नाइट्रो | नाइट्रो | — | |
| (Cl, Br, I) | हैलोजन | क्लोरो, ब्रोमो, आयोडो | — |
| ईथर | एल्कॉक्सी | — |
प्रतिस्थापकों और शाखाओं के नामकरण के नियम
प्रतिस्थापकों (सब्स्टिट्यूएंट्स) के नामकरण में विशेष नियम लागू होते हैं। प्रतिस्थापकों के नाम हमेशा मुख्य नाम के पहले आते हैं और अल्फाबेटिकल ऑर्डर में लिखे जाते हैं।
- Cl: क्लोरो
- Br: ब्रोमो
- I: आयोडो
- NO2: नाइट्रो
- CH3: मिथाइल
- C2H5: इथाइल
यदि एक ही प्रतिस्थापक दो या अधिक बार आता है, तो डाई, ट्राई, टेट्रा आदि उपसर्गों का प्रयोग करें।
साइक्लो यौगिकों का नामकरण
यदि कार्बन श्रृंखला बंद (रिंग) हो, तो "साइक्लो" उपसर्ग का प्रयोग किया जाता है। रिंग में उपस्थित कार्बन की संख्या के अनुसार नाम दिया जाता है।
- तीन कार्बन: साइक्लोप्रोपेन
- चार कार्बन: साइक्लोब्यूटेन
- पाँच कार्बन: साइक्लोपेंटेन
- छह कार्बन: साइक्लोहेक्सेन
डबल बॉन्ड या ट्रिपल बॉन्ड की स्थिति को भी नंबरिंग में दर्शाया जाता है।
नाम लिखने का क्रम और विशेष नियम
आईयूपीएसी नाम लिखते समय एक निश्चित क्रम का पालन किया जाता है। यह क्रम है:
- सभी प्रीफिक्स (प्रतिस्थापक) अल्फाबेटिकल ऑर्डर में
- मुख्य श्रृंखला का नाम (रूट वर्ड: मेथ, एथ, प्रोप, ब्यूट, आदि)
- डबल बॉन्ड (इन), ट्रिपल बॉन्ड (आइन) की स्थिति
- क्रियात्मक समूह (फंक्शनल ग्रुप) का सफिक्स
विशेष नियम:
- दो या अधिक एक जैसे प्रतिस्थापक हों तो डाई, ट्राई, टेट्रा आदि का प्रयोग।
- डबल और ट्रिपल बॉन्ड दोनों हों तो डबल बॉन्ड को प्राथमिकता।
- क्रियात्मक समूहों की स्थिति को न्यूनतम संख्या देने के लिए नंबरिंग करें।
प्रमुख उदाहरण और प्रश्न
कुछ प्रमुख उदाहरणों के माध्यम से नामकरण की प्रक्रिया स्पष्ट होती है:
- CH4: मेथेन
- C2H6: एथेन
- CH3CH2CH3: प्रोपेन
- CH3CH(CH3)CH2CH3: 2-मिथाइलब्यूटेन
- CH3CH(CH3)CH(CH3)CH3: 2,3-डाईमिथाइलब्यूटेन
- CH3CH2OH: एथेनॉल
- CH3OCH3: मेथॉक्सीमेथेन
- CH3CHO: एथेनल
- CH3COCH3: प्रोपेनॉन
- HCOOH: मेथेनोइक एसिड
- CH3COOH: एथेनोइक एसिड
- CH3CH2COOH: प्रोपेनोइक एसिड
- C6H5OH: फिनोल
- C6H5NO2: नाइट्रोबेंजीन
- C6H5NH2: एनिलिन
एरोमेटिक यौगिकों का नामकरण
एरोमेटिक यौगिकों में बेंजीन रिंग के साथ जुड़े प्रतिस्थापकों के अनुसार नामकरण किया जाता है। बेंजीन रिंग पर प्रतिस्थापकों की स्थिति (1,2,3...) के अनुसार नाम लिखा जाता है।
- C6H5CH3: टॉल्यून (मेथिल बेंजीन)
- C6H5CHO: बेंजेल्डिहाइड
- C6H5COOH: बेंजोइक एसिड
- C6H5NO2: नाइट्रोबेंजीन
- C6H5NH2: एनिलिन
- C6H5OCH3: एनीसोल (मेथॉक्सी बेंजीन)
- C6H5OC6H5: डाईफेनिल ईथर (फिनॉक्सी बेंजीन)
- 1,2-डाईमिथाइलबेंजीन: ऑर्थो-ज़ाइलीन
- 1,3-डाईमिथाइलबेंजीन: मेटा-ज़ाइलीन
- 1,4-डाईमिथाइलबेंजीन: पैरा-ज़ाइलीन
विशेष स्थितियाँ और सावधानियाँ
नामकरण में कई बार विशेष स्थितियाँ आती हैं जिनमें सावधानी आवश्यक है। गलत नंबरिंग, अल्फाबेटिकल ऑर्डर की अनदेखी, या फंक्शनल ग्रुप की प्राथमिकता में गलती आम हैं।
- मुख्य श्रृंखला का चयन करते समय डबल/ट्रिपल बॉन्ड और फंक्शनल ग्रुप को शामिल करना अनिवार्य।
- प्रतिस्थापकों की स्थिति का योग न्यूनतम होना चाहिए।
- एक से अधिक फंक्शनल ग्रुप हों तो प्राथमिकता क्रम का पालन करें।
- शाखित प्रतिस्थापकों के लिए ब्रैकेट का प्रयोग करें।
- डबल और ट्रिपल बॉन्ड दोनों हों तो डबल बॉन्ड को नंबरिंग में प्राथमिकता दें।
अभ्यास के लिए प्रश्न
- CH3CH2CH2CH2OH: ब्यूटेन-1-ऑल
- CH3CH(OH)CH2CH2OH: ब्यूटेन-1,3-डाईऑल
- CH3CH2OCH2CH3: एथॉक्सीएथेन
- CH3CH2CH2CHO: ब्यूटेनल
- CH3COCH2CH3: ब्यूटेन-2-ऑन
- CH3CH2CH2COOH: ब्यूटेनोइक एसिड
- CH3CH2CH2CH2Cl: 1-क्लोरोब्यूटेन
- C6H5CH2CH3: एथिल बेंजीन
इन उदाहरणों के माध्यम से आईयूपीएसी नामकरण की प्रक्रिया को समझना और अभ्यास करना आवश्यक है। अधिक से अधिक प्रश्नों का अभ्यास करने से नामकरण में दक्षता आती है।
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