Dual Nature of Radiation and Matter - NEET Physics
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Dual Nature of Radiation and Matter - NEET Physics
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NEET Wallah हिन्दी माध्यम
Notes
Video Summary
आधुनिक भौतिकी (मॉडर्न फिजिक्स)
विकिरण तथा पदार्थ की द्वैत प्रकृति
प्रकाश और पदार्थ दोनों में द्वैत प्रकृति पाई जाती है, अर्थात् वे कण और तरंग दोनों के गुण दर्शाते हैं। न्यूटन ने प्रकाश के कणिका सिद्धांत का प्रतिपादन किया, जबकि हगेंस ने तरंग सिद्धांत दिया। मैक्स प्लांक ने फोटॉन सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें प्रकाश को ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेट्स (फोटॉन) के रूप में माना गया। डी ब्रोगली ने बताया कि न केवल प्रकाश, बल्कि पदार्थ भी द्वैत प्रकृति दर्शाता है।
- प्रकाश की द्वैत प्रकृति: कण और तरंग दोनों गुण
- डी ब्रोगली समीकरण: , जहाँ…
आधुनिक भौतिकी (मॉडर्न फिजिक्स)
विकिरण तथा पदार्थ की द्वैत प्रकृति
प्रकाश और पदार्थ दोनों में द्वैत प्रकृति पाई जाती है, अर्थात् वे कण और तरंग दोनों के गुण दर्शाते हैं। न्यूटन ने प्रकाश के कणिका सिद्धांत का प्रतिपादन किया, जबकि हगेंस ने तरंग सिद्धांत दिया। मैक्स प्लांक ने फोटॉन सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें प्रकाश को ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेट्स (फोटॉन) के रूप में माना गया। डी ब्रोगली ने बताया कि न केवल प्रकाश, बल्कि पदार्थ भी द्वैत प्रकृति दर्शाता है।
- प्रकाश की द्वैत प्रकृति: कण और तरंग दोनों गुण
- डी ब्रोगली समीकरण: , जहाँ प्लांक नियतांक, संवेग
- प्लांक नियतांक जूल-सेकंड
- संवेग (कण के लिए), तरंगदैर्ध्य (तरंग के लिए)
फोटॉन सिद्धांत एवं ऊर्जा
फोटॉन ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेट्स होते हैं, जिन्हें क्वांटा भी कहते हैं। फोटॉन की ऊर्जा आवृत्ति के सीधे समानुपाती होती है। ऊर्जा का सूत्र है, जहाँ आवृत्ति है। ऊर्जा को तरंगदैर्ध्य के रूप में भी लिखा जा सकता है।
- (जब नैनोमीटर में, इलेक्ट्रॉन वोल्ट में)
- इलेक्ट्रॉन वोल्ट जूल
फोटॉन के गुणधर्म
फोटॉन का विराम द्रव्यमान शून्य होता है, उस पर कोई आवेश नहीं होता, और विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से अप्रभावित रहता है। फोटॉन का संवेग होता है। फोटॉन का प्रभावी द्रव्यमान है।
- विराम द्रव्यमान:
- कुल आवेश:
- संवेग:
- प्रभावी द्रव्यमान:
तीव्रता, विकिरण दाब एवं संबंधित सूत्र
तीव्रता (इंटेंसिटी) शक्ति प्रति एकांक क्षेत्रफल या ऊर्जा प्रति एकांक क्षेत्रफल प्रति एकांक समय होती है। विकिरण दाब पूर्ण अवशोषक सतह के लिए , पूर्ण परावर्तक सतह के लिए , और आंशिक परावर्तकता के लिए है।
- तीव्रता
- विकिरण दाब (पूर्ण अवशोषक):
- विकिरण दाब (पूर्ण परावर्तक):
- विकिरण दाब (आंशिक परावर्तकता ):
- यदि कोण पर आपतन हो:
प्रकाश विद्युत प्रभाव (फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट)
जब किसी धातु की सतह पर दहली आवृत्ति से अधिक आवृत्ति वाले फोटॉन आपतित होते हैं, तो सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, जिन्हें फोटोइलेक्ट्रॉन कहते हैं। न्यूनतम आवश्यक ऊर्जा को कार्य फलन (वर्क फंक्शन) कहते हैं। दहली आवृत्ति, दहली तरंगदैर्ध्य और कार्य फलन के बीच संबंध:
- कार्य फलन
- अधिकतम गतिज ऊर्जा:
- फोटो धारा तीव्रता पर निर्भर, अधिकतम गतिज ऊर्जा केवल आवृत्ति पर निर्भर
- संतृप्त धारा: अधिकतम संभव फोटो धारा
- निरोधी विभव (स्टॉपिंग पोटेंशियल):
डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य
डी ब्रोगली के अनुसार, गतिमान कण की तरंगदैर्ध्य होती है। इलेक्ट्रॉन के लिए विशेष सूत्र:
- यदि इलेक्ट्रॉन को वोल्ट से त्वरित किया गया हो: एंगस्ट्रोम (केवल इलेक्ट्रॉन के लिए)
- गैस के अणु के लिए:
परमाणु संरचना एवं बोर मॉडल
थॉमसन का प्लम पुडिंग मॉडल, रदरफोर्ड का गोल्ड फॉयल प्रयोग, और बोर का परमाणु मॉडल मुख्य हैं। बोर के तीन पोस्टुलेट:
- इलेक्ट्रॉन स्थाई वृत्ताकार कक्षाओं में ऊर्जा की हानि किए बिना घूमते हैं।
- कोणीय संवेग
- उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न स्तर पर आने पर ऊर्जा का फोटॉन उत्सर्जित होता है।
कक्षीय चाल: मीटर/सेकंड
कक्षीय त्रिज्या: एंगस्ट्रोम
कुल ऊर्जा: इलेक्ट्रॉन वोल्ट
नाभिकीय भौतिकी
नाभिक का आकार मीटर (1 फर्मी), परमाणु का आकार मीटर। नाभिक के अंदर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन (न्यूक्लियॉन) होते हैं। नाभिक के प्रकार:
- समस्थानिक (आइसोटोप्स): समान, भिन्न
- समभारिक (आइसोबार्स): समान, भिन्न
- समन्यूट्रॉनिक (आइसोन्यूट्रॉनिक): न्यूट्रॉन संख्या समान
नाभिक की त्रिज्या: , मीटर
घनत्व लगभग नियत: किग्रा/मी
नाभिकीय बल: सबसे शक्तिशाली, आवेश पर निर्भर नहीं, शॉर्ट रेंज (fm की कोटि), fm पर प्रतिकर्षण, fm पर आकर्षण
द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता एवं बंधन ऊर्जा
आइंस्टीन का समीकरण:
द्रव्यमान क्षति:
बंध ऊर्जा: या MeV (यदि amu में)
बंध ऊर्जा प्रति न्यूक्लियॉन:
Fe () के लिए सर्वाधिक स्थाई नाभिक, MeV
रेडियो सक्रियता एवं विघटन
तीन मुख्य प्रकार:
- अल्फा विघटन: में 4 की कमी, में 2 की कमी, कण उत्सर्जन
- बीटा विघटन:
- बीटा माइनस: न्यूट्रॉन प्रोटॉन + इलेक्ट्रॉन + एंटी न्यूट्रिनो
- बीटा प्लस: प्रोटॉन न्यूट्रॉन + पॉजिट्रॉन + न्यूट्रिनो
- गामा विघटन: केवल ऊर्जा (फोटॉन) का उत्सर्जन, कोई कण नहीं
अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिक्स
डिजिटल सिग्नल्स (डिस्क्रीट वैल्यू), एनालॉग सिग्नल्स (कंटीन्यूअस वैल्यू)। बुलियन बीजगणित में केवल 0 और 1 का उपयोग होता है। लॉजिक गेट्स: OR (जोड़), AND (गुणा), NOT (व्युत्क्रम)। डी मॉर्गन प्रमेय: छत को तोड़ो, चिन्ह बदलो।
- OR गेट:
- AND गेट:
- NOT गेट:
- NOR, NAND, Universal Gates: सभी गेट्स बनाए जा सकते हैं
अर्धचालकों के गुणधर्म एवं वर्गीकरण
अर्धचालक दो प्रकार के:
शुद्ध (नेज): सिलिकॉन, जर्मेनियम
मादित (डोप्ड): n-प्रकार (इलेक्ट्रॉन अधिक), p-प्रकार (होल्स अधिक)
n-प्रकार:
p-प्रकार:
ऊर्जा बैंड: संयोजी बैंड, चालन बैंड, वर्जित ऊर्जा अंतराल ()। चालक में बैंड ओवरलैप, अर्धचालक में कम, कुचालक में eV।
PN जंक्शन, डायोड एवं अनुप्रयोग
PN जंक्शन में विसरण और ड्रिफ्ट के कारण डिप्लेशन लेयर बनती है। अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में अवक्षय परत कम, प्रतिरोध कम, धारा अधिक। पश्च अभिनति (रिवर्स बायस) में अवक्षय परत अधिक, प्रतिरोध अधिक, धारा कम।
- डायोड का उपयोग: दिष्टकारी (रेक्टिफायर), अर्ध तरंग, पूर्ण तरंग, ब्रिज रेक्टिफायर
- जेनर डायोड: वोल्टता नियंत्रक, रिवर्स बायस में कार्य करता है
- फोटो डायोड: रिवर्स बायस में, प्रकाश के प्रति संवेदनशील
- सोलर सेल: चौथे चतुर्थांश में ग्राफ
लॉजिक गेट्स एवं नियम
तीन महत्वपूर्ण नियम:
किसी गेट में दोनों इनपुट समान हों तो हटा सकते हैं (नोट को छोड़कर)
नोट के आगे नोट हो तो दोनों को काट सकते हैं
तीन नोट एक साथ हों तो हटाकर एंड को OR में, OR को AND में बदलें
Universal Gates: NAND, NOR से सभी गेट्स बनाए जा सकते हैं
नोर गेट से नोट, OR, NAND, AND बनाने के लिए क्रमशः 1, 2, 3, 4 गेट्स चाहिए
महत्वपूर्ण सूत्र एवं ग्राफ
- फोटॉन ऊर्जा: (nm में)
- डी ब्रोगली तरंगदैर्ध्य:
- बोर त्रिज्या: एंगस्ट्रोम
- कुल ऊर्जा: eV
- बंधन ऊर्जा: MeV
- लॉजिक गेट्स के लिए डी मॉर्गन प्रमेय: ,
ग्राफ:
- फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव में बनाम आवृत्ति सीधा रेखीय
- सोलर सेल का ग्राफ चौथे चतुर्थांश में
- अर्धचालक की प्रतिरोधकता तापमान के साथ घटती है
इन सभी बिंदुओं पर आधारित प्रश्नों की प्रैक्टिस से 20-40 अंक तक सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
Quiz
120 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 120
The manifestation of band structure in solids is due to
Solution
Pauli’s exclusive principle
Einsteins Photoelectric equation is :
Solution
Bohr’s atom model assumes:
Solution
all the above conditions
PYQs
88 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 88
कुछ उपयुक्त मात्रकों में, एक गतिमान कण का समय (t)
और स्थिति (x) संबंध t = x² + x द्वारा दिया गया है। कण
का त्वरण है [2025]
Solution
दो शहर X और Y एक नियमित बस सेवा से जुड़े हैं जिसमें
प्रत्येक T मिनट में एक बस किसी भी एक दिशा के लिए
निकलती है। 60 किमी./घंटा की चाल के साथ X से Y दिशा
में स्कूटी चलाती हुई लड़की ध्यान देती है कि प्रत्येक 30
मिनट में एक बस उसकी गति की दिशा में और प्रत्येक 10
मिनट में एक बस उसकी विपरीत दिशा में उससे पार होकर
निकलती है। बस सेवा की अविध T और बसों की चाल
(नियत मानी गई) के लिए सही विकल्प चुनें। [2025]
Solution
15 min, 120 km/h
एक वाहन आधी दूरी v चाल से और शेष दूरी 2v चाल से
तय करता है। इसकी औसत चाल है: [2023]
Solution
Flashcards
12 CardsClick to reveal answerTap the card to see answer