Complete Biology NCERT Exemples in One Shot - NEET Botany
Watch Video
Study smarter with Pi Lens
Get Notes, PYQs, Quiz and more for any Youtube video!

Complete Biology NCERT Exemples in One Shot - NEET Botany
405 views
NEET Wallah हिन्दी माध्यम
Notes
Video Summary
जैविक वर्गीकरण और उदाहरणों का संपूर्ण पुनरावलोकन
जैविक वर्गीकरण, पादप जगत, जंतु जगत, आकारिकी, वैज्ञानिकों के नाम और प्रमुख उदाहरणों का समेकित पुनरावलोकन परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ सभी मुख्य उदाहरण, वर्गीकरण और उनसे जुड़े तथ्य संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत हैं, जो परीक्षा में सीधे पूछे जा सकते हैं।
आर.एच. विटेकर का पाँच जगत वर्गीकरण
आर.एच. विटेकर ने पाँच जगत वर्गीकरण दिया जिसमें मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप जगत और जंतु जगत शामिल हैं। प्रत्येक जगत के प्रमुख उदाहरण और उनकी विशेषताएँ परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं।
- मोनेरा: सभी प्रोकैरियोट्स (आर्की जीवाणु, यू-बैक्टीरिया) -…
जैविक वर्गीकरण और उदाहरणों का संपूर्ण पुनरावलोकन
जैविक वर्गीकरण, पादप जगत, जंतु जगत, आकारिकी, वैज्ञानिकों के नाम और प्रमुख उदाहरणों का समेकित पुनरावलोकन परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ सभी मुख्य उदाहरण, वर्गीकरण और उनसे जुड़े तथ्य संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत हैं, जो परीक्षा में सीधे पूछे जा सकते हैं।
आर.एच. विटेकर का पाँच जगत वर्गीकरण
आर.एच. विटेकर ने पाँच जगत वर्गीकरण दिया जिसमें मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप जगत और जंतु जगत शामिल हैं। प्रत्येक जगत के प्रमुख उदाहरण और उनकी विशेषताएँ परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं।
- मोनेरा: सभी प्रोकैरियोट्स (आर्की जीवाणु, यू-बैक्टीरिया)
- आर्की जीवाणु: मेथेनोजन्स (मीथेन उत्पादक), थर्मोएसिडोफाइल्स (अत्यधिक ताप/अम्लीय वातावरण), हैलोफाइल्स (लवणीय वातावरण)
- यू-बैक्टीरिया: सामान्य जीवाणु, नील हरित शैवाल (साइनो जीवाणु), माइकोप्लाज्मा
जीवाणुओं के उदाहरण और उनके उपयोग
जीवाणु विभिन्न चैप्टरों में फैले हुए हैं और उनके उदाहरणों का 360° रिवीजन आवश्यक है। ये मानव कल्याण, जैव उर्वरक, जैव नियंत्रण, आनुवांशिक अभियांत्रिकी, रोग आदि में आते हैं।
- मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव:
- लैक्टोबैसिलस: दूध से दही बनाना
- एसीटोबैक्टर: एसिटिक अम्ल उत्पादन
- क्लॉस्ट्रीडियम: ब्यूटाइरिक अम्ल उत्पादन
- प्रोपिनियोबैक्टीरियम शर्मानी: स्विस चीज (CO₂ से छेद)
- स्ट्रेप्टोकोकस: स्ट्रेप्टोकाइनेस एंजाइम (थक्का घोलना)
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण:
- राइजोबियम (सहजीवी), एजोटोबैक्टर, एजोस्पिरिलियम (स्वतंत्र)
- रसायन संश्लेषी जीवाणु: नाइट्रोकोकस, नाइट्रोबेसिलस
- प्रकाश संश्लेषी जीवाणु: क्लोरोबियम, पर्पल सल्फर, ग्रीन सल्फर जीवाणु
- आनुवांशिक अभियांत्रिकी: ई.कोलाई (ह्यूमोलिन), एग्रोबैक्टीरियम टूमीफेशियंस (टीआई प्लास्मिड)
- रोगजनक जीवाणु:
- हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा: निमोनिया, हिंड II रेस्ट्रिक्शन एंजाइम
- स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया: निमोनिया, ग्रिफिथ का प्रयोग (1928)
- सैल्मोनेला टाइफी: टाइफाइड, प्लास्मिड DNA (1972, कोहेन-बोयर)
- जैव नियंत्रण: बेसिलस थुरेंजियसिस (बीटी कपास, क्राई जीन)
नील हरित शैवाल (साइनो जीवाणु) के उदाहरण
नील हरित शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक हैं और जैव उर्वरक के रूप में कार्य करते हैं।
- नस्टॉक, एनाबीना, ऑसिलेटोरिया, ओलोसीरा: सभी नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक
- स्पाइरुलिना: एकल कोशिका प्रोटीन का स्त्रोत
प्रोटिस्टा जगत के उदाहरण
प्रोटिस्टा में क्राइसोफाइट्स, डाइनोफ्लजिलेट्स, युग्लीनोइड्स, स्लाइम मोल्ड्स, प्रोटोजोआ आते हैं। प्रोटोजोआ के चार वर्ग और उनके उदाहरण महत्वपूर्ण हैं।
- क्राइसोफाइट्स: डाईएटम्स, डेस्मिड्स, सुनहरी शैवाल
- डाइनोफ्लजिलेट्स: गोनियोलॉक्स (रेड टाइड्स)
- प्रोटोजोआ:
- अमीबॉइड: अमीबा, एंटा अमीबा (अमीब डीसेंट्री)
- फ्लैजिलेटा: ट्राइपेनोजोमा
- सिलिएटा: पैरामीशियम
- स्पोरोजोआ: प्लास्मोडियम (मलेरिया)
कवक जगत के चार वर्ग और उनके उदाहरण
कवक को फाइकोमाइसिटीज, एस्कोमाइसिटीज, बेसिडियोमाइसिटीज, ड्यूटेरोमाइसिटीज में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वर्ग के उदाहरण परीक्षा में पूछे जाते हैं।
- फाइकोमाइसिटीज: म्यूकर, राइजोपस (ब्रेड फंगस), एल्ब्यूगो (सरसों में श्वेत किट)
- एस्कोमाइसिटीज:
- यीस्ट: सैकेरोमाइसिस सेवेसी (बेकर/ब्रूवर यीस्ट), मोनेस्कस परपुरियस (स्टैटिन)
- एस्परजिलस नाइजर (सिट्रिक अम्ल), पेनिसिलियम नोटेटम (पेनिसिलिन), क्लेविसेप्स (LSD), न्यूरोस्पोरा (आनुवांशिक शोध), माइक्रोस्पोरम, ट्राइकोफाइटोन, एपिडर्मोफाइटोन (रिंग वर्म)
- बेसिडियोमाइसिटीज: पक्सिनिया (रस्ट), उष्टलेगो (स्मट), अगेरिकस (खाने योग्य मशरूम), टोड स्टूल्स, अमनिटा (जहरीला मशरूम), पफ बॉल्स, ब्रैकेट फंगाई
- ड्यूटेरोमाइसिटीज: ट्राइकोडर्मा (जैव नियंत्रण, साइक्लोस्पोरिन), ऑल्टरनेरिया, कोलेटोटाइकम
पादप जगत के प्रमुख उदाहरण
पादप जगत में शैवाल, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म्स, एंजियोस्पर्म्स के उदाहरणों का विशेष महत्व है।
- हरी शैवाल: क्लोरेला, क्लमाइडोमोनास (पाँच जगत में प्रोटिस्टा), स्पाइरोगाइरा, वाल्वक्स, कारा, यूलोथ्रिक्स
- भूरी शैवाल: एक्टोकार्पस, लेमिनेरिया, डिक्टोटा, फ्यूकस, सैरगसम (लेमिनेरिया, सैरगसम खाने योग्य)
- लाल शैवाल: पॉलीसाइफोनिया, पोरफायरा (खाने योग्य), जेलीडियम, ग्रेसिलेरिया (अगार-अगार), कंड्रस (कैरेगिन)
- ब्रायोफाइटा: रिक्सिया, मरकेंशिया (लिवर वर्ड्स), स्फेगनम (पीट मॉस), फ्यूनेरिया, पॉलीट्राइकम (मॉस)
- टेरिडोफाइटा: साइलोटम, लाइकोपोडियम, सेलेजिनेला, इक्विसेटम, एडियंटम, टेरेस, ड्रायोप्टेरिस (सेलेजिनेला, सेल्विनिया विषम बीजाणु)
- जिम्नोस्पर्म्स: सेकोया (सबसे बड़ा), सेड्रस, पाइनस, साइकस (कोरलॉइड जड़), गिंगको (जीवित जीवाश्म)
- एंजियोस्पर्म्स:
- वुल्फिया (सबसे छोटा पुष्पीय पादप), यूकेलिप्टिस (सबसे लंबा वृक्ष)
- मोनोईशियस: मक्का, अरंडी; डाईशियस: पपीता, खजूर
- भ्रूणपोषी बीज: गेहूं, मक्का, चावल, अरंडी, नारियल; अभ्रूणपोषी: मटर, चना, मूंगफली
- एपोमिक्सिस: एस्टरेसी कुल, घास
- बहुभ्रूणता: मैंगो, प्याज, सिट्रस
जंतु जगत के प्रमुख उदाहरण
जंतु जगत के प्रत्येक फाइलम के उदाहरणों का संक्षिप्त पुनरावलोकन परीक्षा के लिए अनिवार्य है।
- पोरिफेरा: साइकॉन (स्काइफा), यूस्पोंजिया (बाथ स्पंज), स्पोंजिला (फ्रेश वाटर स्पंज)
- सिलेंट्रेटा: फाइसेलिया (पोर्टस मैन ऑफ वॉर), ओबेलिया (सीफर), एडम्सिया (सी एनीमोन), हाइड्रा, ओरेलिया (जेली फिश), मियांड्रियना (ब्रेन कोरल), ग्गोनिया (सी फैन), पेनेट्यूला (सी पेन)
- टेनोफोरा: प्ल्यूरोब्रेकिया, टेनोप्लेना
- प्लैटिटी एल्मिंथस: टीनिया सोलियम (पोर्क टेप वर्म), फैसियोला (लिवर फ्लूक), प्लेनेरिया (अत्यधिक पुनरुद्भवन)
- एसकेल्मिंथस: एस्केरिस (एस्केरियासिस), वुचेरेरिया (फिलेरियल वर्म), एनसाइक्लोस्टोमा (हुक वर्म)
- एनलिडा: फेरेटिमा (केंचुआ), हिरुडीनेरिया (लीच)
- आर्थ्रोपोडा: लोकस्ट (टिड्डा), लिमुलस (किंग क्रैब, जीवित जीवाश्म), एनोफलीज, एडीज, क्यूलेक्स (मच्छर), एपिस इंडिका, लेसिफर, बॉम्बिक्स मोरी (आर्थिक कीट)
- मोलस्का: पायला (एप्पल स्नेल), एप्लीसिया (सी हेयर), ऑक्टोपस (डेविल फिश), सीपिया (कटल फिश), लोलगो (स्क्विड), चैटोप्ल्यूरा (काइटन), डेंटेलियम (टस्क शेल), पिंक डाटा (पर्ल ऑइस्टर)
- इकाइनोडर्माटा: एस्टरियस (स्टार फिश), एंटीडॉन (सी लिली), कुकुमेरिया (सी कुकुंबर), इकाइनस (सी अर्चिन), ओफियोरा (भंगूर तारा)
- हेमिकॉर्डेटा: बेलेनोग्लोसस, सैकोग्लोसस (नॉन कॉर्डेटा)
- कॉर्डेटा:
- यूरोकॉर्डेटा: डोलियोलम, एसडिया, हडमानिया
- सिफेलोकॉर्डेटा: ब्रेंकियोस्टोमा (एमफियोक्सिस/लांसलेट)
- वर्टीब्रेटा: साइक्लोस्टोमेटा (पेट्रोमाइजोन, मिक्सिन), पाइसेस (स्कॉलिडॉन, प्रिस्टिस, टॉर्पिडो, ट्राइगॉन, कैरोडॉन, लेबियो, हिप्पोकैंपस, फाइटिंग फिश, टेरोफाइलम), एम्फीबियंस (राणा टिगरीना, बूफो, सेलेमेंडर, इथियोफिस), रेप्टाइल्स (चैलोन, टेस्टडो, कैलोटिस, हेमिडेक्टाइलस, नाजा, बंगेरस, वाइपरा), एवीज (कॉरव्वस, पावो, कोलंबा, नियोफ्रॉन, स्ट्रुथियो, सिटाकुला, एप्टेनोडाइट्स), मैमल्स (ऑर्निथोरिंकस, मकाका, बेलेनोपटेरा, मैक्रोपस, डेल्फिनस, रेटस, टेरोपस, कैनिस, फेलिस, एलीफेयस)
आकारिकी (मॉर्फोलॉजी) के उदाहरण
आकारिकी में जड़, पत्ती, पुष्प, बीजांड न्यास, पुष्पदल विन्यास आदि के उदाहरणों का महत्व है।
- जड़ें:
- द्विबीज पत्री (सरसों): मूसला मूल तंत्र
- एक बीज पत्री (गेहूं): झकड़ा मूल तंत्र
- अपस्थानिक जड़ें: घास, बरगद, मॉनस्टेरा
- शिरा विन्यास:
- द्विबीज पत्री: जाली का शिरा विन्यास
- एक बीज पत्री: समानांतर शिरा विन्यास
- पत्तियों के प्रकार:
- पिच्छाकार संयुक्त: नीम
- हस्ताकार संयुक्त: सिल्क कॉटन
- पर्ण विन्यास:
- एकांतरण: गुड़हल, सरसों, सूर्यमुखी
- सम्मुख: कैलोट्रोपिस, अमरूद
- चक्रादार: एलस्टोनिया
- पुष्प समिति:
- त्रिज्या समिति: सरसों, दतूरा, मिर्च
- एक व्यास समिति: मटर, गुलमोहर, सेम, कैसिया
- असमिति: कैना
- जायांगता:
- अधो जायांगता: सरसों, गुड़हल, बैंगन
- परिजायांगता: प्लम, गुलाब, आड़ू
- अधिजायांगता: सूर्यमुखी, अमरूद, खीरा
- पुष्पदल विन्यास:
- कोरस्पर्शी: कैलोट्रोपिस
- व्यर्तित: गुड़हल, भिंडी, कपास
- कोरछादी: केसी, गुलमोहर
- वैक्सिलरी: मटर, सेम
- पुंकेसर:
- एक संगी: गुड़हल
- द्विसंगी: मटर
- बहुसंगी: सिट्रस
- बीजांड न्यास:
- सीमांत: मटर
- स्तंभ: गुड़हल, टमाटर, नींबू
- भित्तिया: सरसों, आर्जीमोन
- मुक्त स्तंभ्य: डायथस, प्रिमरोस
- आधार्य: सूर्यमुखी, गैंडा
वैज्ञानिकों के नाम और उनके योगदान
कुछ वैज्ञानिकों के नाम और उनके योगदान परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं।
- जैव विविधता: एडवर्ड विल्सन (सिद्धांत), एलेक्जेंडर वॉन हंबलडोट (जाति-क्षेत्र संबंध), पॉल एरिक (रिवेट पॉपर सिद्धांत)
- समष्टि: गॉस (प्रति स्पर्धा अपवर्जन नियम), डेविड टिलमैन (प्रयोग), कोनल (एलगेंट फील्ड एक्सपेरिमेंट)
- आणविक जैविकी: ग्रिफिथ (1928), एवरी-मैक्लॉयड-मैकार्थी (1933-44), हर्षि-चेस (1952), वाटसन-क्रिक (1953), मेसल्सन-स्टाल (1958), टेलर (1958), हरगोविंद खुराना, निरनबर्ग, मथाई, सेवेवरे ओकोवा
परीक्षा के लिए अंतिम सुझाव
स्वास्थ्य, नींद और मानसिक स्थिरता परीक्षा से अधिक महत्वपूर्ण हैं। पर्याप्त नींद (6-7 घंटे), संतुलित आहार, हाइड्रेशन और सकारात्मक सोच बनाए रखें। सभी उदाहरणों का लिखकर और बार-बार रिवीजन करें, शॉर्ट ट्रिक्स पर निर्भर न रहें, निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
Quiz
120 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 120
Solution
Solution
Solution
PYQs
91 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 91
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन I: किसी पारिस्थितिक तंत्र (ईकोसिस्टम) में ऊर्जा का प्राथमिक/मूल स्रोत सौर ऊर्जा है।
कथन II: किसी पारिस्थितिक तंत्र में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बनिक तत्व के उत्पादन की दर नेट प्राथमिक उत्पादकता (एनपीपी) कहलाती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[2025]
Solution
कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है
भारत में पारिस्थितिकी का जनक किसे कहा जाता है?
[2025]
Solution
रामदेव मिश्रा
निम्नलिखित में से कौन एक पारितंत्र में उत्पादकता का मात्रक है?
[2025]
Solution
(KCal m–2)yr–1
Flashcards
6 CardsClick to reveal answerTap the card to see answer