Triangles - Class 10 Boards Mathematics
Watch Video
Study smarter with Pi Lens
Get Notes, PYQs, Quiz and more for any Youtube video!

Triangles - Class 10 Boards Mathematics
6 views
PW UP BOARD 9&10th
Notes
Video Summary
त्रिभुज (Triangles)
त्रिभुज की परिभाषा और मूलभूत गुण
त्रिभुज वह सबसे छोटा बहुभुज है जिसमें तीन भुजाएं, तीन शीर्ष और तीन कोण होते हैं। त्रिभुज के तीनों कोणों का योग सदैव होता है। यदि त्रिभुज की किसी भुजा को आगे बढ़ाया जाए, तो बनने वाला बाह्य कोण, शेष दो अंतः कोणों के योग के बराबर होता है।
- त्रिभुज की तीन भुजाएं, तीन शीर्ष, तीन कोण।
- कोण
- बाह्य कोण = शेष दो अंतः कोणों का योग
सर्वांग समता (Congruence) की शर्तें
दो आकृतियां सर्वांग सम होती हैं…
त्रिभुज (Triangles)
त्रिभुज की परिभाषा और मूलभूत गुण
त्रिभुज वह सबसे छोटा बहुभुज है जिसमें तीन भुजाएं, तीन शीर्ष और तीन कोण होते हैं। त्रिभुज के तीनों कोणों का योग सदैव होता है। यदि त्रिभुज की किसी भुजा को आगे बढ़ाया जाए, तो बनने वाला बाह्य कोण, शेष दो अंतः कोणों के योग के बराबर होता है।
- त्रिभुज की तीन भुजाएं, तीन शीर्ष, तीन कोण।
- कोण
- बाह्य कोण = शेष दो अंतः कोणों का योग
सर्वांग समता (Congruence) की शर्तें
दो आकृतियां सर्वांग सम होती हैं जब उनका आकार और माप दोनों समान हों। केवल आकार या केवल माप समान होने से सर्वांग समता नहीं होती। उदाहरण: समान त्रिज्या वाले दो वृत्त, समान भुजाओं वाले वर्ग, और समान भुजाओं वाले समबाहु त्रिभुज सर्वांग सम होते हैं।
- सर्वांग समता के लिए आवश्यकताएं:
- आकार समान
- माप समान
- दो वर्ग जिनकी भुजाएं cm और cm हैं, सर्वांग सम नहीं होंगे।
- समान त्रिज्या वाले वृत्त, समान भुजाओं वाले वर्ग, और समबाहु त्रिभुज सर्वांग सम होते हैं।
समरूपता (Similarity) की अवधारणा
समरूप आकृतियां वे होती हैं जिनका आकार समान हो, भले ही माप अलग हो। सभी सर्वांग सम आकृतियां समरूप होती हैं, लेकिन सभी समरूप आकृतियां सर्वांग सम नहीं होतीं। समरूपता के लिए केवल आकार समान होना आवश्यक है।
- समरूपता के लिए आवश्यकताएं:
- केवल आकार समान
- उदाहरण: त्रिज्या cm और cm वाले दो वृत्त समरूप हैं, पर सर्वांग सम नहीं।
- सभी वर्ग समरूप होते हैं, लेकिन केवल समान भुजाओं वाले वर्ग सर्वांग सम होते हैं।
- सभी समबाहु त्रिभुज समरूप होते हैं।
- सभी वृत्त समरूप होते हैं, लेकिन केवल समान त्रिज्या वाले वृत्त सर्वांग सम होते हैं।
समरूपता की शर्तें (Similarity Criteria for Polygons and Triangles)
दो बहुभुज (या त्रिभुज) समरूप तब होते हैं जब:
- सभी संगत कोण बराबर हों।
- सभी संगत भुजाएं समानुपातिक (proportional) हों।
- केवल कोण या केवल भुजाएं समानुपातिक होने से समरूपता सिद्ध नहीं होती; दोनों शर्तें अनिवार्य हैं।
- त्रिभुजों के लिए भी यही शर्तें लागू होती हैं।
त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ
त्रिभुजों की समरूपता के लिए मुख्य कसौटियाँ निम्नलिखित हैं:
1. कोण-कोण (AA) कसौटी
यदि एक त्रिभुज के दो कोण दूसरे त्रिभुज के दो कोणों के बराबर हैं, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं। तीसरा कोण स्वतः बराबर हो जाता है क्योंकि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग होता है।
2. भुजा-भुजा-भुजा (SSS) कसौटी
यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाओं का अनुपात दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर है, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
3. भुजा-कोण-भुजा (SAS) कसौटी
यदि एक त्रिभुज की दो भुजाओं का अनुपात दूसरे त्रिभुज की दो संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर है और उन दोनों भुजाओं के बीच का कोण भी बराबर है, तो दोनों त्रिभुज समरूप होते हैं।
- समरूपता लिखते समय संगत कोण और भुजाओं की स्थिति का ध्यान रखें।
आधारभूत समानुपातिक प्रमेय (Basic Proportionality Theorem / Thales Theorem)
यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा के समांतर कोई रेखा खींची जाती है, तो वह शेष दोनों भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है। इसे थेल्स प्रमेय, बीपीटी या बेसिक प्रोपोर्शनल थ्योरम भी कहते हैं।
- यदि में , तो
प्रमेय का प्रूफ (जैसा बताया गया):
- त्रिभुज में खींची।
- और को आधार मानकर क्षेत्रफल के सूत्र से अनुपात निकाला।
- समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं (क्लास 9 की प्रमेय)।
- समीकरणों को मिलाकर सिद्ध किया।
थेल्स प्रमेय का विलोम
यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को कोई रेखा समान अनुपात में विभाजित करती है, तो वह रेखा तीसरी भुजा के समांतर होती है।
- यदि , तो
त्रिभुजों पर आधारित प्रश्नों के हल के तरीके
त्रिभुजों की समरूपता या थेल्स प्रमेय पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाएं:
- समांतर रेखा या अनुपात की जानकारी से उपयुक्त प्रमेय/कसौटी लगाएं।
- अनुपातों को समीकरण के रूप में लिखें और अज्ञात मान निकालें।
- समरूपता के लिए संगत कोण और भुजाओं की स्थिति का ध्यान रखें।
उदाहरण:
यदि cm, cm, , cm और , तो
cm
विशेष/महत्वपूर्ण तथ्य और सावधानियाँ
कुछ विशेष तथ्य और सामान्य गलतियाँ जो अक्सर परीक्षाओं में पूछी जाती हैं:
- सभी वर्ग समरूप होते हैं, पर केवल समान भुजाओं वाले वर्ग सर्वांग सम होते हैं।
- सभी वृत्त समरूप होते हैं, पर केवल समान त्रिज्या वाले वृत्त सर्वांग सम होते हैं।
- समरूपता के लिए केवल आकार समान होना चाहिए, सर्वांग समता के लिए माप भी समान होनी चाहिए।
- समरूपता या सर्वांग समता लिखते समय संगत कोण और भुजाओं की स्थिति का विशेष ध्यान रखें।
- प्रश्न में मांगी गई भुजा या पूर्ण लंबाई (जैसे ) निकालते समय अंतिम उत्तर में सभी भागों को जोड़ना न भूलें।
त्रिभुजों पर आधारित प्रमेयों का अनुप्रयोग
त्रिभुजों की समरूपता और थेल्स प्रमेय का उपयोग विभिन्न प्रकार के प्रश्नों में किया जाता है, जैसे:
- अनुपात ज्ञात कर अज्ञात भुजा निकालना
- समरूपता सिद्ध करना
- समद्विबाहु त्रिभुज सिद्ध करना (यदि दो कोण बराबर हों तो सम्मुख भुजाएं भी बराबर होंगी)
- समांतर रेखा सिद्ध करना (थेल्स प्रमेय का विलोम)
प्रमुख बिंदु:
- प्रमेयों के प्रूफ में क्षेत्रफल, समांतर रेखाओं के गुण, और अनुपात का प्रयोग करें।
- समरूपता की कसौटियों का सही चयन और संगत कोण/भुजाओं की पहचान करें।
- त्रिभुजों के नाम लिखते समय संगत बिंदुओं की स्थिति का ध्यान रखें।
Quiz
15 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 15
Solution
Solution
Solution
PYQs
12 QuestionsClick on an option to find the answer
Question 1 of 12
The perimeters of two similar triangles ABC and PQR are 56 cm and 48 cm respectively. is equal to
Solution
In the given figure ABC is shown. DE is parallel to BC. If AD = 5 cm, DB = 2.5 cm and BC = 12 cm, then DE is equal to:

Solution
8 cm
If the diagonals of a quadrilateral divide each other proportionally, then it is a:
Solution
trapezium
Flashcards
12 CardsClick to reveal answerTap the card to see answer