The End of Bipolarity - CUET Political Science
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The End of Bipolarity - CUET Political Science
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CUET Hindi Medium by PW
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समकालीन भारत और विश्व राजनीति
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की विश्व व्यवस्था
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में दो महाशक्तियों—अमेरिका और सोवियत संघ—का वर्चस्व रहा। सोवियत संघ की व्यवस्था समाजवादी थी, जिसमें संसाधनों पर राज्य का नियंत्रण, एकदलीय शासन (कम्युनिस्ट पार्टी) और न्यूनतम जीवन स्तर की जिम्मेदारी सरकार की थी। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद विश्व में एकध्रुवीयता आई और अमेरिका एकमात्र महाशक्ति बन गया।
- सोवियत संघ 15 गणराज्यों से मिलकर बना था।
- मिखाइल गोरवाचेब के सुधार (पेरिस्त्रोइका, ग्लासनोस्त) से विघटन की प्रक्रिया तेज हुई।
- विघटन के मुख्य कारण: संस्थागत…
समकालीन भारत और विश्व राजनीति
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की विश्व व्यवस्था
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में दो महाशक्तियों—अमेरिका और सोवियत संघ—का वर्चस्व रहा। सोवियत संघ की व्यवस्था समाजवादी थी, जिसमें संसाधनों पर राज्य का नियंत्रण, एकदलीय शासन (कम्युनिस्ट पार्टी) और न्यूनतम जीवन स्तर की जिम्मेदारी सरकार की थी। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद विश्व में एकध्रुवीयता आई और अमेरिका एकमात्र महाशक्ति बन गया।
- सोवियत संघ 15 गणराज्यों से मिलकर बना था।
- मिखाइल गोरवाचेब के सुधार (पेरिस्त्रोइका, ग्लासनोस्त) से विघटन की प्रक्रिया तेज हुई।
- विघटन के मुख्य कारण: संस्थागत कमजोरी, संसाधनों का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, निरंकुश शासन, राष्ट्रवाद का उदय, रूस का प्रभुत्व।
- 1991 में बोरिस यल्सिन रूस के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति बने।
- विघटन के बाद 15 नए स्वतंत्र देश बने, शीत युद्ध समाप्त हुआ।
शॉक थेरेपी और नई आर्थिक व्यवस्थाएं
शॉक थेरेपी का अर्थ है साम्यवाद से पूंजीवाद की ओर रातोंरात संक्रमण। सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस और अन्य गणराज्यों ने निजीकरण, मुक्त व्यापार और विदेशी निवेश को अपनाया, जिससे औद्योगिक ढांचा चरमरा गया और बैंकों का दिवालियापन हुआ।
- शॉक थेरेपी 1990 में अपनाई गई।
- विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सलाह पर निजी स्वामित्व, मुक्त व्यापार, विदेशी निवेश को बढ़ावा।
- रूस की मुद्रा रूबल का मूल्य गिरा।
- बैंकिंग प्रणाली चरमरा गई।
यूरोपियन संघ, आसियान और अन्य समकालीन केंद्र
सोवियत संघ के विघटन के बाद यूरोपियन संघ (EU) और आसियान (ASEAN) जैसी नई शक्तियां उभरीं। यूरोपियन संघ 1992 में मॉस्टिच संधि से बना, जिसका अपना झंडा, गान, मुद्रा (यूरो) है, पर संविधान नहीं है। आसियान की स्थापना 1967 में बैंकॉक घोषणा पत्र से हुई, जिसके 10 सदस्य हैं।
- यूरोपियन संघ की अर्थव्यवस्था 2005 में विश्व की सबसे बड़ी थी।
- आसियान के तीन स्तंभ (2003): सुरक्षा समुदाय, आर्थिक समुदाय, सामाजिक-सांस्कृतिक समुदाय।
- आसियान शैली: अनौपचारिक, टकराव रहित, सहयोगात्मक।
- भारत की लुक ईस्ट नीति (1991) और एक्ट ईस्ट नीति (2014) आसियान से संबंध मजबूत करने के लिए।
- भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौता 2010 में।
चीन का आर्थिक उदय और भारत-चीन संबंध
1978 में देंग श्याओपिंग के नेतृत्व में चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोला, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) बनाए और 2001 में WTO में शामिल हुआ। भारत-चीन संबंधों में पंचशील (1954), तिब्बत मुद्दा, 1962 का युद्ध, और सीमा विवाद प्रमुख हैं।
- पंचशील के पांच सिद्धांत: संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं, सहयोग एवं विकास, शांतिपूर्ण सह अस्तित्व।
- 1962 में तिब्बत और सीमा विवाद के कारण युद्ध।
- 1988 में राजीव गांधी की चीन यात्रा के बाद संबंधों में सुधार।
दक्षिण एशिया: संघर्ष, सहयोग और संगठन
दक्षिण एशिया में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, अफगानिस्तान (सार्क सदस्य) शामिल हैं। क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता, सैन्य शासन, लोकतंत्र, जातीय संघर्ष, जल विवाद, और क्षेत्रीय सहयोग की चुनौतियां हैं।
- पाकिस्तान में सेना और लोकतंत्र का उतार-चढ़ाव।
- बांग्लादेश का निर्माण (1971), शेख मुजीबुर रहमान (आवामी लीग) की भूमिका।
- नेपाल में 2008 में गणतंत्र की स्थापना, 2015 में नया संविधान।
- श्रीलंका में सिंघली-तमिल संघर्ष, लिट्टे (LTTE) का उदय और 2009 में समाप्ति।
- सार्क (SAARC) की स्थापना 1985, मुख्यालय काठमांडू, 8 सदस्य।
- साफ्ता (SAFTA) 2004 में हस्ताक्षरित, 2006 से लागू।
अंतरराष्ट्रीय संगठन और संयुक्त राष्ट्र
अंतरराष्ट्रीय संगठन युद्ध, शांति, वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक हैं। संयुक्त राष्ट्र (UNO) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई, 193 सदस्य देश हैं। इसके प्रमुख अंग महासभा, सुरक्षा परिषद, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, सचिवालय, सामाजिक-आर्थिक परिषद हैं।
- सुरक्षा परिषद: 15 सदस्य (5 स्थायी—अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन; 10 अस्थायी), स्थायी सदस्यों के पास वीटो पावर।
- महासभा: सभी देशों को समान अधिकार।
- अंतरराष्ट्रीय न्यायालय: हेग, 15 न्यायाधीश।
- प्रमुख एजेंसियां: WHO, ILO, UNESCO, UNICEF, UNDP, FAO, IAEA।
- भारत 30 अक्टूबर 1945 को सदस्य बना।
- सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग, भारत स्थायी सदस्यता का पक्षधर।
सुरक्षा की पारंपरिक और अपारंपरिक धारणा
सुरक्षा का अर्थ है खतरों से आजादी। पारंपरिक सुरक्षा में सैन्य खतरा, शक्ति संतुलन, गठबंधन, आत्मसमर्पण, रक्षा, शक्ति संतुलन शामिल हैं। अपारंपरिक सुरक्षा में मानव सुरक्षा, आतंकवाद, महामारी, गरीबी, पर्यावरणीय खतरे, मानवाधिकार उल्लंघन शामिल हैं।
- पारंपरिक सुरक्षा के चार तत्व: आत्मसमर्पण, अपरोध, रक्षा, शक्ति संतुलन।
- अपारंपरिक सुरक्षा: मानव आवश्यकताओं की पूर्ति, आतंकवाद, महामारी, ग्लोबल वार्मिंग, जल प्रदूषण।
- सहयोगात्मक सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संगठन, बल प्रयोग अंतिम विकल्प।
निशस्त्रीकरण और हथियार नियंत्रण
निशस्त्रीकरण का अर्थ है हथियारों के प्रयोग को कम करना और नए हथियारों के उत्पादन पर रोक। प्रमुख संधियां: NPT (1968), CTBT (1996, भारत ने हस्ताक्षर नहीं किया), SALT, START (अमेरिका-रूस), जैविक हथियार संधि (1972), बैलिस्टिक मिसाइल संधि (1972)।
- भारत ने CTBT को भेदभावपूर्ण मानते हुए हस्ताक्षर नहीं किया।
- जैविक हथियार संधि 1972 में।
- बैलिस्टिक मिसाइल संधि 1972 में।
पर्यावरणीय राजनीति और वैश्विक सम्मेलन
पर्यावरणीय संकट के कारण भूमि, जल, ओजोन परत, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई चिंता के विषय हैं। सतत विकास की अवधारणा ब्रंटलैंड रिपोर्ट (Our Common Future) में दी गई। पृथ्वी सम्मेलन 1992 (रियो डी जेनेरो), एजेंडा 21, जैव विविधता, क्योटो प्रोटोकॉल (1997) ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए।
- साझी संपदा: वायुमंडल, अंटार्कटिका, समुद्री सतह।
- विकसित और विकासशील देशों में जिम्मेदारी को लेकर मतभेद।
- भारत ने क्योटो प्रोटोकॉल पर 2002 में हस्ताक्षर किए।
- अंटार्कटिका संधि 1959, केवल वैज्ञानिक और शांतिपूर्ण कार्यों के लिए।
वैश्वीकरण: अर्थ, प्रभाव और विरोध
वैश्वीकरण बहुआयामी प्रक्रिया है जिसमें विचार, पूंजी, वस्तु, लोगों का प्रवाह होता है। तकनीक, इंटरनेट, परिवहन ने इसे तेज किया। राजनीतिक प्रभाव: राज्य की क्षमता में कमी, लोक कल्याणकारी भूमिका में कमी, बाजार की प्रधानता। आर्थिक प्रभाव: व्यापार, निवेश, विकल्प बढ़े; असमानता, विकसित देशों की शर्तें। सांस्कृतिक प्रभाव: समरूपता (मैकडोनाल्डकरण), वैविधीकरण।
- भारत ने 1991 में नई आर्थिक नीति (LPG) अपनाई।
- वामपंथी विरोध: अमीर-गरीब की खाई बढ़ी।
- दक्षिणपंथी विरोध: सांस्कृतिक पहचान पर खतरा।
- विश्व सामाजिक मंच (WSF) वैश्वीकरण का विरोधी मंच, पहली बैठक 2001 पोर्ट एल्गेरे (ब्राजील), 2004 मुंबई।
- इंडियन सोशल फोरम भारत में सक्रिय।
भारत की विदेश नीति और गुटनिरपेक्षता
भारत की विदेश नीति के निर्माता जवाहरलाल नेहरू थे। पंचशील, गुटनिरपेक्षता, उपनिवेशवाद का विरोध, अंतरराष्ट्रीय शांति का समर्थन, सैन्य गुटों से दूरी, नो फर्स्ट यूज (परमाणु नीति) इसके मुख्य तत्व हैं।
- पंचशील समझौता 1954 भारत-चीन।
- बांडुंग सम्मेलन 1955, गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव।
- गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन 1961 बेलग्रेड।
- भारत ने CTBT, NPT पर हस्ताक्षर नहीं किए।
- भारत की परमाणु नीति: न्यूनतम निवारण, पहले प्रयोग नहीं, निशस्त्रीकरण का समर्थन।
भारत में लोकतंत्र, संघवाद और आर्थिक विकास
स्वतंत्रता के बाद भारत में लोकतांत्रिक संसदीय प्रणाली, संघीय ढांचा, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, समानता, एकता-अखंडता की चुनौतियां थीं। राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर (1956), नई राज्यों की स्थापना (2000 में झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड)। पंचवर्षीय योजनाएं, मिश्रित अर्थव्यवस्था, हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, नीति आयोग (2015) जैसे आर्थिक विकास के मॉडल अपनाए गए।
- प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56): कृषि, सिंचाई।
- द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61): भारी उद्योग, पीसी महालनोबिस मॉडल।
- हरित क्रांति: पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी में सर्वाधिक लाभ।
- श्वेत क्रांति: वर्गिस कुरियन।
- नीति आयोग: सहकारी संघवाद।
आपातकाल, राजनीतिक अस्थिरता और सुधार
1975 में आपातकाल (25 जून) लगाया गया, अनुच्छेद 352 के तहत। नागरिक अधिकारों का हनन, प्रेस पर सेंसरशिप, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी हुई। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी, पर आंतरिक कलह के कारण कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी। 42वां संविधान संशोधन (लघु संविधान), शाह आयोग की जांच।
- 1967 के चुनाव में कांग्रेस पहली बार नौ राज्यों से सत्ता से बाहर।
- गैर कांग्रेसवाद का नारा राम मनोहर लोहिया ने दिया।
- आयाराम-गयाराम: दलबदल की राजनीति।
- गरीबी हटाओ: इंदिरा गांधी का नारा।
- 1969 में कांग्रेस का विभाजन (सिंडिकेट बनाम इंदिरा गांधी)।
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Question 1 of 40
भारत ने _________ के साथ फरक्का संधि पर हस्ताक्षर किए
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बांग्लादेश
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दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अपनी अर्थव्यवस्था को उदार बनाने वाला पहला देश था
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श्रीलंका
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